भू-रक्षक
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ढलान गिरने से पहले चेतावनी देती है

भू-रक्षक सेंसर नोड्स का एक नेटवर्क है। ये नोड भूस्खलन, बाढ़, जंगल की आग और प्रदूषण जैसे ख़तरों को पहले ही पहचान लेते हैं और लोगों को समय रहते सचेत करते हैं। ये बिना इंटरनेट और बिना मोबाइल नेटवर्क के भी काम करते हैं।

यह कैसे काम करता है

  1. 01

    पहचानना

    ढलान पर लगे सेंसर ज़मीन का झुकाव, कंपन और मिट्टी की नमी लगातार मापते हैं।

  2. 02

    विश्लेषण

    हर नोड अपनी जगह का सामान्य हाल सीखता है और ख़तरे का आकलन ख़ुद करता है।

  3. 03

    संदेश भेजना

    लंबी दूरी के रेडियो से जानकारी गेटवे और बेस स्टेशन तक पहुँचती है। मोबाइल टावर की ज़रूरत नहीं।

  4. 04

    चेतावनी

    गाँव में सायरन बजता है और डैशबोर्ड पर चेतावनी आती है, ताकि लोग समय रहते सुरक्षित जगह पहुँच सकें।

चेतावनी के चार स्तर

SAFE

सुरक्षित

सब सामान्य है। कोई ख़तरा नहीं।

WATCH

सतर्क रहें

ख़तरे की स्थिति बन रही है, जैसे मिट्टी पानी से भर जाना।

WARNING

चेतावनी

एक सेंसर हलचल दिखा रहा है। तैयार रहें।

DANGER

ख़तरा

कई सेंसर पुष्टि कर रहे हैं। सायरन बजेगा। तुरंत सुरक्षित जगह जाएँ।

ग़लत अलार्म से बचने के लिए सबसे ऊँची चेतावनी तभी दी जाती है जब अलग-अलग सेंसर एक साथ पुष्टि करें।

चेतावनी मिलने पर क्या करें

भूस्खलन

ढलान और उसके नीचे की जगह से तुरंत हट जाएँ। सामान लेने वापस न जाएँ।

बाढ़

तुरंत ऊँची जगह पर जाएँ। बहते पानी को पैदल या गाड़ी से पार न करें। घुटने तक का पानी भी इंसान को बहा सकता है।

जंगल की आग

आग से दूर जाएँ, हवा की दिशा के आर-पार, ढलान के ऊपर नहीं। आग ढलान पर इंसान से तेज़ चढ़ती है।

वायु प्रदूषण

घर के अंदर रहें, खिड़कियाँ बंद रखें और बाहर काम न करें। बच्चों, बुज़ुर्गों और साँस की तकलीफ़ वाले लोगों को अंदर रखें।

भीषण गर्मी

छाँव में जाएँ, पानी पीते रहें और दोपहर में बाहर का काम बंद करें। अकेले रहने वाले बुज़ुर्ग पड़ोसियों का हाल पूछें।

गैस रिसाव

हवा की दिशा के आर-पार इलाक़ा छोड़ें, हो सके तो हवा आने की दिशा की ओर। कोई गाड़ी स्टार्ट न करें और कोई बिजली का स्विच न दबाएँ।

पानी की गुणवत्ता

इस पानी को न पिएँ, न इससे खाना बनाएँ। उबालने से कीटाणु मरते हैं, रसायन नहीं।